भाजपा ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर खेला दांव

उमेश दत्त शर्मा बनाए मंडल भाजपा जुब्बल-कोटखाई के अध्यक्ष

विकास थापटा


  • जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव में अपनी किरकिरी करा चुकी भाजपा ने देर-सवेर ही सही, जुब्बल-कोटखाई-नावर विधानसभा क्षेत्र में मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर लिया है। भाजपा ने नीलम सरैईक के खिलाफ चेतन बरागटा के पक्ष में प्रचार में जाने के बाद मंडल के कई नेताओं को निष्कासित किया था, उनमें पिछले अध्यक्ष भी शुमार थे। यह जिम्मा जुब्बल क्षेत्र के कोट कायना के किसान ब्राह्मण परिवार में जन्में उमेश दत्त शर्मा को सौंपा है।
  • पहली बार किसी ब्राह्मण को आगे कर नया दांव चला है। उमेश अब मंडल के सदस्यों की नियुक्ति के लिए अधिकृत किया गया है। यह सुगबुगाहट उपचुनाव से पहले भी भाजपा के अंदर देखी जा रही थी, जिसे अब जाकर चुनावों में मिली करारी हार के बाद मूर्त रूप दे दिया गया है। भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक की एक-दो दिन पहले हुई सुरेश भारद्वाज से बैठक के बाद यह निर्णय सामने आया है। अब भाजपा नए सिरे से जुब्बल कोटखाई नावर क्षेत्र में अपना नया आधार तलाशने की तरफ बढ़ती हुई नजर आ रही है, क्योंकि कहीं ना कहीं केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया गया निर्णय कि वंशवाद के आधार पर टिकट का आवंटन नहीं किया जाएगा, उसी परिपाटी पर आगे बढ़ते हुए भाजपा अपने चुनाव में अधिकृत उम्मीदवार नीलम सरैईक से वार्तालाप कर उन्हें बल देती हुई नजर आ रही है।
  • जिस तरीके से जुब्बल क्षेत्र के कायना के रहने वाले उमेश शर्मा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है। कहीं ना कहीं जातीय समीकरण व क्षेत्रीय समीकरण का खास ख्याल रखा गया है। भाजपा को कहीं न कहीं लग रहा है कि चेतन बरागटा को मिली हार के बाद उनके साथ भावनात्मक रूप से चुनावों में चले कुनबे में से कुछ हिस्सा फिर घर वापसी कर सकता है। इस दिशा में भी अंदरखाते सुरेश भारद्वाज प्रयास जारी रखे हुए हैं। अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा यहां संगठन को खड़ा करने में जुट गई है।

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